माइग्रेन का इलाज, माइग्रेन के लक्षण, कारण, दवा, और उपचार जानिए हिंदी में!

माइग्रेन एक तरह का सिर दर्द होता है जो दुनिया में करोड़ों लोगों को होता है, यह एक तरह का सर दर्द है जो सर के एक तरफ शुरू होता है और घंटों तक रह सकता है।

अगर आपको कुछ सर दर्द हो रहा है तो हो सकता है वह माइक्रोन हो, मगर सभी सर का दर्द माइग्रेन नहीं होता माइग्रेन क्या होता है जानने के लिए पढ़े यह आर्टिकल।

माइग्रेन का सिरदर्द हमारे दिमाग में कुछ परिवर्तन की वजह से होता है, इसके होने से हमारे सर में बहुत तेज दर्द होता है जिसमें रोशनी, या ज्यादा शोर बहुत परेशान कर सकता है

इसी प्रमुख लक्षण हैं,

  • आंखों में दर्द होना,
  • रोशनी या शोर से परेशान हो ̛जाना
  • जी मचलाना
  • उल्टी जैसा होना
  • और सर कि एक तरफ तेज दर्द रहना

सर दर्द बहुत प्रकार के होते हैं मगर सभी सर दर्द को माइग्रेन नहीं कहा जा सकता है

वैसे ही तो माइग्रेन का मुख्य कारण अभी तक स्थापित नहीं हुआ, मगर मना यही जाता है कि यह दिमाग में न्यूरोलॉजिकल लेवल पर बदलाव के कारण होता है।

माइग्रेन होने के कुछ मुख्य कारण हैं

  • हारमोनल बदलाव
  • किसी चीज का तनाव
  • ज्यादा शोर शराबे वाले वातावरण में रहना
  • माइग्रेन कुछ खाने वाली चीजों की वजह से भी हो सकता है

माइग्रेन को टेंपरेरी रूप से कुछ दवाइयां खाकर सही किया जा सकता है, मगर इसे पूरी तरह से खत्म करने के लिए इसके होने वाले कारणों पर ध्यान देने की जरूरत है !

अगर यह शोर-शराबे वाली वातावरण की वजह से हो रहा है तो वातावरण में बदलाव लाने की आवश्यकता है।

अगर यह खाना खाने की वजह से हो रहा है तो अपने खाने में बदलाव लाने की आवश्यकता है बैलेंस और हेल्दी डाइट लेने से इस चीज को रोका जा सकता है

कुछ लोगों को रिलैक्सेशन, एक्सरसाइज और योगा से माइग्रेन को कम करने में मदद मिली है।

जिन लोगों को माइग्रेन की शिकायत होती है वह लोग कुछ दवाइयां और अपने जीवन में कुछ परिवर्तन ला कर इस को अच्छे से मैनेज कर सकते हैं

माइग्रेन होता क्या है

बहुत से लोग अपने सर में हो रहे थोड़ी सी दर्द को ही माइग्रेन समझ लेते हैं, मगर जैसा हमने बताया कि सर दर्द बहुत तरह के होते हैं, माइग्रेन उनमें से एक तरह का सर दर्द है जो बार बार होता है।

अगर आप कोई काम करते हैं जिसमें दिमाग का बहुत ज्यादा इस्तेमाल होता है, जैसे कुछ लिखना, ज्यादा देर तक पढ़ना, या फिर हिसाब-किताब लगाना। अगर यह कारण है तो अपने काम के बीच में एक छोटा  छोटा सा ब्रेक लेने से काफी मदद मिल सकती है

 इस्तेमाल कम करें।

आजकल हम स्मार्टफोंस की स्क्रीन में डूबे रहते हैं देर रात तक मोबाइल चलाते हैं मोबाइल की रोशनी भी हमारे दिमागों के न्यूरो सेल्स को प्रभावित करती हैं।

डॉक्टर से सलाह देते हैं कि देर रात मोबाइल का इस्तेमाल ना करें मोबाइल को दूर रख कर सोए।

माइग्रेन के अलावा मोबाइल फोन की रेडिएशन से और भी परेशानियां आती हैं जैसे रात को नींद ना आना दिनभर थके थके रहना इत्यादि।

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