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एक महिला के लिए मां बनना जीवन में एक बहुत ही सुखद एहसास होता है। इसके साथ ही मां बनने वाली महिला में गर्भ अवस्था को लेकर बहुत ही उत्सुकता होती है।

जो भी महिलाएं, या दंपति गर्भ धारण करने की कोशिश कर रहे हैं उनके लिए यह आर्टिकल लिख लिख रही हूं।

इस आर्टिकल में गर्भावस्था के कुछ शुरुआती लक्षण आप लोगों के साथ शेयर करना चाहूंगी।

मासिक धर्म का मिस हो जाना।

अगर आपको मासिक धर्म आने में देरी हो रही है तो हो सकता है यह गर्भावस्था के कारण हो रही हो। आमतौर पर महिलाओं में मासिक धर्म हफ्ते या 10 दिन देरी से मोना कोई बड़ी बात नहीं है, मगर 10 दिन से ज्यादा होना एक पहला लक्षण हो सकता है प्रेग्नेंट होने का।

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स्तनों का बड़ा हो जाना या सूज जाना।

प्रेगनेंसी का पता स्तनों द्वारा भी लगाया जा सकता है। गर्भधारण करने के 2 हफ्ते बाद शरीर में हार्मोन बदलाव आना शुरू हो जाते हैं, जिनमें सेस्तनों कासूज जाना, टाइट हो जाना, और भरा भरा लगना कुछ लक्षणों में से एक माना जाता है।

थकावट और थकान होना।

गर्भावस्था के शुरुआती लक्षणों में थकावट और थकान भी बहुत होना शुरू हो जाती है, ज्यादा समय तक चलने पर पैरों में दर्द भी होने लगता है।

गुप्तांग से  थोड़ा खून बहना और पेट में मरोड़ होना

कुछ महिलाओं को उनके गुप्तांग से थोड़ी-थोड़ी ब्लीडीं  भी गर्भावस्था का 1 लक्षण होता है, ऐसा तब होता है जब fertilized eggs यूट्रस के पास जाकर जुड़ जाते हैं ऐसा fertilization के 10 से 15 दिन बाद होता है।

कुछ महिलाओं को गर्भावस्था की शुरुआत में पेट में मरोड़ की शिकायत भी रहती है, यह उसी तरह की मरोड़ होती है जो महावारी के दौरान होती हैं।

उल्टी और मछली जैसा होना।

यह लक्षण सबसे ही ज्यादा काम है माना जाता है और तभी मैं सभी लोगों को इसके बारे में पता होता है, जी मत लाना या उल्टी होना गर्भावस्था का एक मुख्य लक्षण माना जाता है। कुछ महिलाओं के लिए ऐसा गर्भावस्था के 2 हफ्ते बाद होना शुरू हो जाता है।

कब्ज होना।

कभी भी करवा से गर्भावस्था का एक मुख्य लक्षण है प्रोजेस्टेरोन में वृद्धि से आंतों के माध्यम से भोजन धीरे-धीरे पारित हो जाता है, जिससे कब्ज हो सकती है।

मिजाज बदलते रहना।

प्रारंभिक गर्भावस्था में शरीर में हार्मोन की बाढ़ गर्भवती महिलाएं असामान्य रूप से भावनात्मक और रोने कर सकते हैं। Mood swings भी आम हैं, विशेष रूप से पहले त्रैमासिक में।

अस्पष्टता और चक्कर आना

चूंकि आपके रक्त वाहिकाओं में फैलता है और आपका ब्लड प्रेशर कम हो जाता है, आपको हल्का या चक्कर आ सकता है। प्रारंभिक गर्भावस्था में, कम रक्त शर्करा से भी बेहोश हो सकते है।

क्या आप गर्भवती हैं?

अगर ऊपर बताए हुए लक्षणों से भी स्पष्ट नहीं होता है कि आप गर्भवती हैं, तो बेहतर यही है कि आप प्रेगनेंसी टेस्ट कर ले।

बाजार में मेडिकल स्टोर पर प्रेगनेंसी टेस्ट किट बड़ी ही आसानी से मिल जाती है, बिस्किट को लाकर प्रेगनेंसी टेस्ट की जा सकती है।

आमतौर पर प्रेगनेंसी टेस्ट 95% तक सक्षम मानी जाती है।

प्रेगनेंसी टेस्ट स्कोर पीरियड मिस होने के कुछ दिनों के भीतर ही कर लेना चाहिए और यदि इसका टेस्ट नेगेटिव आता है तो कुछ दिन रुक कर यह टेस्ट फिर से करना चाहिए।

यदि टेस्ट पॉजिटिव आता है तो तुरंत ही किसी गायनोकॉलोजिस्ट से कंसल्ट करें। Sexual Health से जुड़े और आर्टिकल्स पढ़ें

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