Yoga Kya Hai और Kaise Karte Hain | योग की पूरी जानकारी हिंदी में

योग भतार की हज़रो बर्षो की संस्कृति से जुड़ा है, यह दुनिया भर में जाना जाता है।

Advertisement!

योग केवल कुछ आसान करने के बारे में नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक सुखी जीवन कीने के लिए कुछ दिशा निर्देश हैं जो ८ भागों में बाटे हैं है।

इस article में हम उन्हीं ८ भागो के बारे में बात करने वाले हैं।

१. यम

सरल शब्दों में याम का मतलब है जेवण जीने की नैतिकता। या यूँ कह लें जीवन जीने के कुछ नियम।

  1. अहिंसा
  2. सत्य
  3. अस्तेय
  4. ब्रह्मचर्य
  5. अपरिग्रह

२. नियम (अनुसाशन)

इस भाग में भी जीवन को जीने के कुछ केएम हैं मगर यह नियम आत्म अनुशासन के लिए हैं।

  1. सोचा
  2. संतोष
  3. तापस
  4. स्काध्याय
  5. ईश्वर प्रणिधाना

३. आसान (शारीरिक आसन)

आसान ही है जिसके कारन योग जाना जाता है, शरीर में कचीलापन लाना इसका उद्देश्य है, जिसके और भी लाभ हैं जैसे स्वस्थ शरीर, क्षमता और एकाग्रता।

Advertisement!

४. प्राणायाम (श्वास पर नियंत्रण)

इस भाग का उद्देश्य है अपनी साँसों पर नियंत्रण करना। अच्छे से सांस अंदर और बहार लेने जैसे एक सामान्य गतिविधि भी बहुत लाभदायक है।

आसान और प्राणायाम एक साथ करने से बहुत से शारीरिक और मानसिक लाभ मिलते हैं।

५. प्रत्याहार (भावनाओं का नियंत्रण)

योग का पांचवां भाग है, प्रत्याहार, जिस्म सामान्य शब्दों में मतलब है, अपनी आदतो और तृष्णा को काबू में करना।

जिसको बस में करने पर हम एक बेहतर जीवन व्यतीत कर सकते हैं।

६. धारणा (मन की एकाग्रता)

धारणा माहे मन की एकाग्रता सिखाती है, जिससे हम जीवन में व्याकुलता को काम दूर रख कर किसी भी कार्य को मैं से कर।

हमें सिखाता है किसी एक कार्य पर ध्यान लगाकर उसे करना और अपने दिमाग़ से बाकि हर चीज़ को निकाल देना।

७. ध्यान

यह एक बहुत ही कठिन पर बहुत ही ज़रूरी योग है, इसका मतलब है धारणा के बात अपने मन को उस जगह तक ले जाना जहां लें में कोई और ध्यान न ा पाए और एकाग्रता केवल एक की दिशा ें हो।

इसके लग है की जितने तनाव है और tension हैं उनसे छुटकारा  मिलता है।

८. समाधी

समाधी जो की आठवां योग है, जहां मन और शरीर दोनों ही एकाग्रता प्राप्तः कर पाते हैं, और एक ऐसे क्षण में पहुँच जाते हैं जहां यह मायने नहीं रहता आप कहाँ है।

यह योग का सबसे कठिन भाग है जिसे प्रप्थ करना बहुत ही मुश्किल है और केवल अभ्यास से ही प्रप्थ किया जा सकता है, २ ४ दिन तक आसान और प्राणायाम करने वाले ऐसा सोच भी नहीं सकते हैं।

Advertisement!

तोह यह थी योग की जानकारी, उम्मीद है आपको पसंद आयी होगी, Jaaniye.com पर और भी बहुत सी जानकारी प्राप्तः कर सकते हैं।